राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानती अपराध होने के बावजूद सेक्सटॉर्शन की आरोपी दो महिलाओं को जमानत नहीं देने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) से स्पष्टीकरण मांगा हैं। जस्टिस अनिल उपमन की अदालत ने यह स्पष्टीकरण आरोपी महिला मीतू पारीक और इंदू वर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मांगा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- दोनों महिलाओं के खिलाफ जिन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वो जमानती अपराध की श्रेणी में आता हैं। लेकिन न तो न्यायिक मजिस्ट्रेट ने और न ही एडीजे ने इस बात का ध्यान रखा। ऐसे में दोनों अपना स्पष्टीकरण पेश करें। कोर्ट ने दोनों महिलाओं को जमानत पर छोड़ने का आदेश भी दिया। थाने से ही मिल जानी चाहिए थी जमानत वकील राजेश महर्षि ने बताया कि दोनों महिलाओं को पुलिस ने व्यापारी को रेप केस में फंसाने की धमकी देकर रुपए ऐंठने के मामले में 16 जून को गिरफ्तार किया था। लेकिन पुलिस ने दोनों महिलाओं पर जो धारा लगाई, वो जमानती प्रकृति की थी। ऐसे में पुलिस महिलाओं को गिरफ्तार करके मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं कर सकती थी, उन्हें थाने से ही जमानत मिल जानी चाहिए थी। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने जब महिलाओं को पेश किया गया तो उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए था। लेकिन उन्होंने भी महिलाओं को ज्यूडिशियल कस्टडी मे भेज दिया। उसके बाद जब इनकी जमानत लगाई गई तो जमानत खारिज करते हुए ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ा दी। इसके बाद जयपुर महानगर द्वितीय की एडीजे-6 कोर्ट में जमानत लगाई गई। लेकिन उन्होंने भी इस ओर ध्यान नहीं देते हुए जमानत खारिज कर दी। इसके बाद हमने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। व्यापारी को ब्लैकमेल करने का है आरोप चित्रकूट थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं को सेक्सटॉर्शन में फंसाने की धमकी देकर रुपए वसूलने के मामले में गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि दोनों महिलाएं अमीर लोगों को प्यार के जाल में फंसाती थीं। फिर रेप केस में फंसाने की धमकी देकर 50 लाख रुपए की डिमांड करती थीं। इस राशि की वसूली किस्तों में करती थीं। स्टाम्प पर पेमेंट का पूरा शेड्यूल लिखकर ब्लैकमेल करने वाले युवक को देती थीं। चित्रकूट थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं के कब्जे से 2.22 लाख रुपए भी बरामद किए गए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी महिलाएं अवैध वसूली का चेक लेने कैफे में आई थीं। दोनों महिलाओं के मोबाइल को खंगाला गया है। उनमें चार व्यक्तियों से ब्लैकमेलिंग की डिटेल्स मिली है। इनमें कुछ से रुपए लेना, कुछ को रुपयों के लिए धमकाना और अगला टारगेट किसे बनाएं, ये सभी बातचीत शामिल हैं।
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जमानती-धाराओं में बेल नहीं देने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब:न्यायिक मजिस्ट्रेट और एडीजे से मांगा स्पष्टीकरण, सेक्सटॉर्शन की आरोपी महिलाओं को दी जमानत
गुरुवार, जुलाई 31, 2025
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