राजस्थान में कम नामांकन वाले 346 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी माध्यम भी शुरू हो गया है। इसमें टोंक जिले की पांच स्कूलें भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने हिंदी माध्यम में एडमिशन के लिए भी आदेश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों से सात कार्य दिवस में रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे हैं। सरकार का मानना है कि इससे कम नामांकन वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि, शिक्षक संघ ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए स्कूलों का स्वरूप बदलने के बजाय अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करने की मांग की है। शिक्षा मंत्री की मंजूरी के बाद जारी हुए आदेश राजस्थान सरकार के शिक्षा ग्रुप-1 विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की मंजूरी के बाद आदेश जारी किए हैं। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के 346 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत कम है। ऐसे विद्यालयों में अब हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी प्रवेश दिया जाएगा। विभाग ने इन विद्यालयों को हिंदी माध्यम में संचालित करने के संबंध में नियमानुसार आवश्यक प्रस्ताव और टिप्पणी जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। डीईओ से सात दिन में मांगी रिपोर्ट नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के साथ शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से सात कार्य दिवस में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे गए हैं। रिपोर्ट में हिंदी माध्यम शुरू करने का औचित्य, वर्तमान नामांकन की स्थिति और स्थानीय आवश्यकता का आकलन शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावक अब भी हिंदी माध्यम को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी माध्यम शुरू होने से प्रवेश संख्या बढ़ सकती है। तबादलों के बीच फैसले का असर यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब प्रदेश में शिक्षकों के बंपर तबादले हुए हैं। विभाग का मानना है कि माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन विद्यालयों में शिक्षकों के तबादलों और स्टाफ के पुनर्गठन पर भी असर पड़ सकता है। अंतिम निर्णय जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। शिक्षक संघ ने उठाई अलग मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी निजी स्कूलों की फीस से राहत दिलाई है। उनका कहना है कि कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करने या उनका स्वरूप बदलने की बजाय सरकार अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करे। इससे स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कैडर आधारित भर्ती के बाद भी नामांकन नहीं बढ़ता है, तभी कम नामांकन वाले विद्यालयों पर आगे निर्णय लिया जाए।
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राजस्थान में 346 महात्मा गांधी स्कूलों में हिंदी माध्यम शुरू:टोंक की 5 स्कूलें भी शामिल; डीईओ से सात दिन में मांगी रिपोर्ट
शुक्रवार, जुलाई 17, 2026
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