कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने कहा कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। उनका अगला और सबसे बड़ा लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि पिछले 16 सालों से वह इसी सपने को लेकर मेहनत कर रही हैं और देश के लिए इतिहास रचना चाहती हैं। अरुंधति ने कहा कि राजस्थान के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने के बावजूद उन्हें अब तक घोषित प्रोत्साहन पूरी तरह नहीं मिला। राजस्थान से मैं आज तक बहुत गोल्ड लेकर आई हूं और शायद मैं पहली बॉक्सर हूं, जो इंटरनेटनेशनल में इतने गोल्ड लेकर आई है, पर बोलते बहुत है कि इतना पैसा मिलेगा, या फिर नौकरी मिलेगी, जमीन मिलेगी, यह सुनते सुनते कान थक गए। पर आज तक कुछ मिला नहीं, मैं चाहती हूं कि थोड़ा सपोर्ट मिले। कोटा जाते समय टोंक में अपने रिश्तेदार एडवोकेट महावीर तोगड़ा के आवास पर रुकीं अरुंधति चौधरी ने मीडिया से बातचीत कीं। उन्होंने कहा कि पहले उनकी लड़ाई केवल उनके और उनके परिवार तक सीमित थी, लेकिन अब पूरा राजस्थान उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मिलने वाला समर्थन उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। फाइनल से पहले था बुखार, फिर भी नहीं मानी हार अरुंधति ने बताया कि फाइनल मुकाबले से पहले उन्हें तेज बुखार था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि मुकाबले के दौरान दर्शकों की ओर से लगातार 'बजरंग बली की जय' के जयकारे सुनाई दे रहे थे, जिससे उन्हें मानसिक मजबूती मिली और उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ऑपरेशन के बाद भी नहीं टूटा हौसला उन्होंने बताया कि पिछले साल उनके हाथ का ऑपरेशन हुआ था, जिसमें हाथ में प्लेट लगाई गई और सात स्क्रू डाले गए। ऑपरेशन के बाद उन्हें लगा था कि शायद वह दोबारा बॉक्सिंग नहीं खेल पाएंगी, लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखी और वापसी करते हुए लगातार अपना छठा अंतरराष्ट्रीय पदक जीत लिया। बेटियों से कहा- अपने हक के लिए आवाज उठाइए अरुंधति ने बेटियों को संदेश देते हुए कहा कि सबसे पहले अपने लिए लड़ना सीखना चाहिए। यदि कोई अपने अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठा सकता, तो वह दूसरों के लिए भी नहीं लड़ सकता। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने समाज की परवाह किए बिना उनका पूरा साथ दिया। लोगों ने उन्हें बॉक्सिंग से दूर रखने की सलाह दी, लेकिन उनके माता-पिता ने कहा कि 'बेटियां केवल शादी के लिए नहीं पैदा होतीं।' इसी विश्वास और लगातार मेहनत के दम पर उन्हें सफलता मिली। शादी नहीं, फिलहाल ओलंपिक है प्राथमिकता शादी को लेकर पूछे गए सवाल पर अरुंधति ने मुस्कुराते हुए कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान ओलंपिक पर है। उन्होंने कहा कि अभी वह शादी के बारे में नहीं सोच रही हैं, क्योंकि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य भारत के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतना है। टोंक प्रवास के दौरान सवाई माधोपुर रोड स्थित जाट छात्रावास में समाज के लोगों और विद्यार्थियों ने अरुंधति चौधरी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर रमा चौधरी, हंसराज गाता सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
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बॉक्सर अरुंधति बोलीं- सुनते-सुनते कान थक गए जमीन, पैसा मिलेगा:पर मिला कुछ नहीं; अब लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड जीतना
गुरुवार, अगस्त 06, 2026
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