प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षक संगठन राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार 19 दिसंबर से डांगपाड़ा स्थित लियो संस्थान में शुरू होने जा रहा है। आयोजन की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष रमेशचन्द्र पुष्करणा ने बताया कि इस महाकुंभ में प्रदेश भर से करीब 15 हजार शिक्षक शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी और बेणेश्वर धाम के महंत अच्युतानंद महाराज सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों और कार्ययोजना को साझा किया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन की मुख्य प्राथमिकता शिक्षकों के स्थानांतरण पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाना है, ताकि सभी संवर्गों के तबादले सुचारू हो सकें। इसके साथ ही संगठन मांग करेगा कि अप्रैल 2026 तक सभी बकाया पदोन्नतियां पूरी की जाएं और शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु शहरी भत्ते की तर्ज पर 'ग्रामीण भत्ता' दिया जाए। वेतन विसंगति और प्रदेश के 35 हजार संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से सरकार के समक्ष रखा जाएगा। प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा और सम्मेलन संयोजक डॉ. ऋषिन चौबीसा ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाले इस अधिवेशन में शिक्षा, शिक्षार्थी और शिक्षक के हितों पर गहन मंथन होगा। दूसरे दिन आयोजित होने वाले खुले सत्र में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजे जाएंगे। बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के कार्यकर्ताओं ने मिलकर आगंतुक शिक्षकों के लिए आवास और भोजन की विशेष व्यवस्था की है। इस दौरान प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, सह संयोजक दिनेश मईडा और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। संगठन का लक्ष्य है कि इन प्रस्तावों के माध्यम से राजस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्र के शीर्ष स्तर पर पहुँचाया जा सके।
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बांसवाड़ा में शिक्षकों का दो दिवसीय महाकुंभ कल:मुख्यमंत्री शर्मा और शिक्षा मंत्री दिलावर भी आएंगे, 15 हजार टीचर्स जुटेंगे
शुक्रवार, दिसंबर 19, 2025
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