कोटा में सब्जी मंडी इलाके में एक पुरानी बिल्डिंग को नगर निगम की ओर से तोड़ने के विरोध में व्यापारी सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। व्यापारियों ने कोटा व्यापार महासंघ को भी आंदोलन से जोड़कर कोटा बंद करवाने की बात कही है। सब्जीमंडी में चर्च के सामने स्थित एक पुरानी बिल्डिंग तोड़ने के लिए नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। इस भवन के नीचे कई दुकानें हैं। इससे जिन व्यापारियों की दुकानें टूट रही हैं, उनमें व पूरे बाजार में आक्रोश है। व्यापारी अपने परिवार के साथ रविवार को मीडिया के सामने पहुंचे। व्यापारियों ने कहा- दुकानें जर्जर नहीं हैं। न ही उनके गिरने का कोई खतरा है। केवल अनावश्यक रूप से उन्हें परेशान किया जा रहा है। इससे हमारी रोटी-रोजी पर संकट आ जाएगा। व्यापार संघ एक साथ करेगा आंदोलन व्यापारियों ने कहा- नगर निगम ने हमारी दुकानें तोड़ने की सोची तो पूरा व्यापार संघ एक साथ आंदोलन करेगा। संरक्षक बद्री प्रसाद गौतम ने बताया- किसी भी कीमत पर दुकानदारों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। कोटा बंद करना पड़ा तो करेंगे। कोटा शहर के व्यापारी सब्जीमंडी के व्यापारियों के साथ हैं। उन्होंने बताया- कैलाश चंद्र अग्रवाल का यहां तीन मंजिला भवन है। इसमें 10 दुकानें किराए से चल रही हैं। यहां व्यापारी सालों से अपने परिवार का पेट पालने के लिए व्यवसाय कर रहे हैं। दो महीने पहले एक पत्थर गिरा था। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस दिया। इसका जवाब मालिक कैलाश चंद्र को देना था, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। पहले ही इस भवन को जर्जर बता दिया, लेकिन यह बिल्डिंग जर्जर नहीं है। व्यापारियों ने मांगी दूसरी जगह दुकानें व्यापारियों ने कहा- अगर नगर निगम दुकानें हटाना चाहती हैं तो व्यापारियों को जगह दी जानी चाहिए। व्यापारियों ने कहा- भवन में करीब 10 दुकानें संचालित हैं, जिनसे कई परिवारों और कर्मचारियों के घर चल रहे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि मकान मालिक और निगम की मिलीभगत से, जर्जर भवन का बहाना बनाकर हमें बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। व्यापारियों ने कहा- 60 साल से हम इमारत में किराएदार हैं। व्यापारियों की अपील है कि यह इमारत पूरी तरह जर्जर नहीं है। इसके ऊपरी हिस्से में मरम्मत की जरूरत है तो उसी हिस्से को ठीक कराया जाना चाहिए।न कि पूरी बिल्डिंग को ध्वस्त कर हमें बेदखल किया जाए। व्यापारी बोले- 40 साल से दुकान, अब कहां जाएंगे 40 साल से दुकान चला रहीं शांति दासवानी ने बताया- मैं हैंडलूम का कार्य करती हूं। 40 साल से इस दुकान से परिवार का पालन पोषण कर रही हूं। अब 65 साल उम्र हो गई। अब प्रशासन बेदखल करेगा तो कहां जाएंगे। वहीं कई महिलाओं ने कहा- हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं। आधी उम्र निकल गई, अब क्या करेंगे। प्रशासन को व्यापारियों की पीड़ा को समझाना चाहिए। इस दौरान कई महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाई तो उनकी आंखों से आंसू आ गए।
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व्यापारियों ने दी कोटा बंद की चेतावनी:बोले- रोजी-रोटी का सकंट आ जाएगा; निगम ने पुराना भवन तोड़ने का नोटिस किया जारी
सोमवार, जुलाई 27, 2026
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