भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत गुरुवार को जयपुर में 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें ब्रिक्स देशों के उद्योग मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में उद्योग, निवेश और कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ नई तकनीक और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक के अंत में सभी सदस्य देशों ने संयुक्त घोषणा पत्र को मंजूरी दी। इसमें छोटे उद्योगों, स्टार्टअप, सोलर उद्योग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। शुक्रवार को जयपुर में ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक भी होगी। उद्योगों को मजबूत बनाने पर जोर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों को अपनी-अपनी क्षमताओं का लाभ उठाकर मजबूत और आत्मनिर्भर उद्योग विकसित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक क्रांति के लिए ब्रिक्स साझेदारी (PartNIR) इस दिशा में अहम मंच बन चुकी है। उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स देशों को एक-दूसरे की ताकत का इस्तेमाल करते हुए उद्योगों को मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से निवेश बढ़ेगा, नए कारोबार के अवसर बनेंगे और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक, नवाचार और आपसी विश्वास के साथ मिलकर काम करने से सभी सदस्य देशों को फायदा होगा। उनका कहना था कि साझा प्रयासों से उद्योगों का विकास तेज होगा और सभी देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। MSME, स्टार्टअप और सोलर सेक्टर पर फोकस सम्मेलन में छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के लिए सहयोग का नया फ्रेमवर्क आगे बढ़ाया गया। सोलर (फोटोवोल्टिक) उद्योग के लिए कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। भारत ने ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड बनाने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि सदस्य देशों के स्टार्टअप्स और नए इनोवेशन को बढ़ावा मिल सके। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई सिस्टम पर भी चर्चा बैठक में उद्योगों के लिए बेहतर ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सिस्टम विकसित करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरों में लॉजिस्टिक्स प्लानिंग जैसे विषयों पर चर्चा हुई, ताकि कारोबार को आसान बनाया जा सके। केंद्रीय मंत्री का सीएम भजनलाल ने किया स्वागत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जयपुर आए ब्रिक्स देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ सहित कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इन मुद्दों पर बनी सहमति बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें एमएसएमई के लिए सहयोग फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाना, फोटोवोल्टिक (सोलर) उद्योग के लिए वर्किंग ग्रुप की कार्ययोजना को मंजूरी देना, स्टार्टअप्स के जरिए नवाचार को बढ़ावा देने की योजना तैयार करना और बेहतर ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक्स सिस्टम पर सहयोग शामिल है। भारत ने ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड बनाने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि सदस्य देशों के स्टार्टअप्स और नए उद्यमों को बढ़ावा मिल सके। 7 अगस्त को होगी व्यापार मंत्रियों की बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत अब 7 अगस्त को जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक होगी। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल करेंगे। बैठक में व्यापार, वैश्विक सप्लाई चेन, एमएसएमई, डिजिटल व्यापार और विश्व व्यापार संगठन (WTO) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में शामिल विदेशी प्रतिनिधिमंडल जयपुर के सिटी पैलेस और हवा महल का भी भ्रमण करेंगे, जहां उन्हें राजस्थान की संस्कृति और विरासत से परिचित कराया जाएगा। 11 देशों के उद्योग मंत्री सम्मेलन में शामिल हुए 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन में ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के उद्योग मंत्री या उनके वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हो रहे है। इनमें ये देश शामिल हैं- हर देश से उद्योग मंत्री या मंत्री स्तर के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में औद्योगिक सहयोग, MSME, स्टार्टअप, सोलर उद्योग और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। क्या है ब्रिक्स? ब्रिक्स (BRICS) दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसकी शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से हुई थी। बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हो गए। यह समूह सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, उद्योग, ऊर्जा, तकनीक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने के लिए काम करता है।
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10वें ब्रिक्स उद्योग-मंत्री सम्मेलन में संयुक्त घोषणा पत्र को मंजूरी:MSME, स्टार्टअप, सोलर और लॉजिस्टिक्स में सहयोग बढ़ाने पर सहमति; कल होगी मंत्रियों की बैठक
शुक्रवार, अगस्त 07, 2026
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