उदयपुर में सज्जनगढ़ इको सेंसेटिव जोन को हटाने की मांग को लेकर सज्जनगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। स्थानीय गामीणों ने नारे लगाते हुए वन विभाग और उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा- सेंसेटिव जोन के गजट और जोनल मास्टर प्लान की कई गंभीर विसंगतियों का खमियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है। हमें हमारी जमीनों का ही अधिकार नहीं दिया जा रहा है। आए दिन मिल रहे नोटिसों के कारण भय का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा- यूडीए (UDA) की स्थापना के पहले के पट्टों को शून्य बताकर ग्रामीणों को उजाड़ने की तैयारी चल रही है। जल्द मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। हमारा प्राकृतिक क्षेत्र छीनने का षड़यंत्र है ग्रामीणों ने बताया- पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के महत्व को हम जानते हैं, लेकिन हमारे द्वारा संरक्षित यह प्राकृतिक क्षेत्र हमसे ही छीनने का षड़यंत्र चल रहा है। समस्या को अगर जल्द समाधान नहीं किया तो जल्द महापंचायत बुलाकर आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी गांव, हवाला, गोरेला, मोरवनिया, ओदी, सीसारमा, हाथीधरा, कोड़ीयात और रामपुरा क्षेत्र के ग्रामीण शामिल हुए। बता दें कि सज्जनगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य के इको सेंसेटिव जोन और 1 किलोमीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन को लेकर ग्रामीणों का विरोध है। इससे स्थानीय लोगों को उनके भूमि अधिकार नहीं मिल पाएंगे। निर्माण नहीं कर पाएंगे। साथ ही चाय की लारी या छोटे दुकानदार भी उस दायरे में खड़े नहीं रह पाएंगे।
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उदयपुर में इको सेंसेटिव जोन हटाने की मांग पर विरोध-प्रदर्शन:सज्जनगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य मुख्य गेट पर दिया धरना; मांगें नहीं मानने पर आंदोलन की चेतावनी
सोमवार, अगस्त 24, 2026
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