राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में गोचर भूमि के संरक्षण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान शहर के पर्यावरण को लेकर कोर्ट ने चिंता जताई। खोखरिया के पास गोचर भूमि पर एसटीपी प्लांट से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण और हरियाली का संरक्षण भी जरूरी है। कोर्ट की अपील के बाद याचिकाकर्ता पक्ष ने जोधपुर को हरा-भरा बनाने के लिए 100 पौधे लगाने का प्रस्ताव रखा। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ के सामने बुधवार को ओमाराम चौधरी बनाम राजस्थान सरकार मामले की सुनवाई हुई। विकास के नाम पर बढ़ते कंक्रीट के जंगल पर चिंता जताई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शहर में विकास के नाम पर बढ़ते कंक्रीट के जंगल पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा- जोधपुर को हरा-भरा बनाए रखने के लिए सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि कानूनी बिरादरी को भी पर्यावरण संरक्षण में आगे आना चाहिए। इस पर याचिकाकर्ता के वकील मुक्तेश माहेश्वरी ने कोर्ट को बताया कि अगर प्रशासन पौधरोपण के लिए सही जगह देता है तो याचिकाकर्ता और वकील की ओर से 50-50 पौधे लगाए जाएंगे। इस तरह कुल 100 पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया। साथ ही पौधरोपण की तस्वीरें और रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करने का भरोसा दिया गया। कोर्ट ने इस पहल की तारीफ करते हुए राज्य सरकार के वकील को पौधरोपण के लिए सही जगह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राज्य की ओर से निर्देश लेने के लिए समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने मान लिया। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
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शहर के पर्यावरण को लेकर कोर्ट ने जताई चिंता:कोर्ट ने कहा- विकास के साथ पर्यावरण-हरियाली का संरक्षण जरूरी; जनहित याचिका पर हुई सुनवाई
गुरुवार, सितंबर 24, 2026
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