सिटी रिपोर्टर| बीकानेर रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला मे चल रहे चातुर्मास आयोजन में शनिवार को श्रावक श्राविकाओं ने सामूहिक गुरु वंदना की। शनिवार को प्रवचन में मुनि श्रुतानंद ने जैनाचार्य हरिभद्र सूरी जी द्वारा लिखित पुस्तिका से उद्धत ‘लेश्या’ के बारे में बताते हुए कहा की यह हमारे किसी भी विषय मे जुड़े अच्छे बुरे, राग अनुराग, मंशा और भाव का प्रतिनिधित्व करती है। लेश्या शुभ अशुभ, अच्छी बुरी दोनों प्रकार की होती है। मुनि ने कहा कि हर श्रावक श्राविका की लेश्या शुभ होनी चाहिए। मुनि के अनुसार लोगों के माध्यम से धर्म तो बढ़ रहा है लेकिन इसका रस नहीं बढ़ रहा है अर्थात लोग धर्म के नाम पर आयोजन तो खूब करते हैं, आडम्बर के अतिरेक तक पहुंच जाते हैं लेकिन छोटे छोटे धार्मिक कर्म करने से भी जो आत्मिक शांति मिलती है वो लेश्या ही आनन्द की अनुभूति करवाती है। वो लेश्या बढ़नी चाहिए अर्थात धर्म मत बढ़ाओ, धर्म में रस को बढ़ाओ। जैन मुनि ने कहा की परोपकार के लिए कोई प्लानिंग की जरूरत नहीं होती। कोचरों के चौक से सुबह 8ः45 पर शुरू होगी गिरनाथ की भाव यात्रा आत्मानंद जैनसभा की चार्तुमासिक कमेटी के सुरेन्द्र बद्धानी ने बताया कि 25 अगस्त को कोचरों के चौक से सुबह 8ः45 पर सकल श्रीसंघ के साथ साधु, श्रावक श्राविकाएं लाभार्थी परिवार के साथ संगीतमयी लहरों के साथ यात्रा करते हुए रांगड़ी चैक पौषधशाला के लिए रवाना होगी। रांगड़ी चौक की पौषधशाला प्रांगण में भाव यात्रा की विधिवत शुरूआत होगी। दोपहर 12 बजे तक चलने वाली इस भाव यात्रा में जीव दया प्रतिपालक 23वें तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान बाल ब्रह्मचारी गिरनार तीर्थ मंडन की संगीतमयी नाटिका, गरबा मंचन होगा। इस आयोजन का लाभार्थी परिवार कोलकाता के भंवरलाल सुंदरलाल, शांतिलाल देवेंद्रकुमार कोचर परिवार हाल मुकाम है।
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आडंबर बढ़ा पर धर्म में आनंद नहीं, शांति चाहिए तो धर्म में रस बढ़ाओ : श्रुतानंद
रविवार, अगस्त 25, 2024
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