राजस्थान विधानसभा में कोचिंग सेंटर विधेयक 2025 पारित नहीं होने से कोचिंग संचालकों को राहत मिली है। ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा ने जयपुर में पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। शर्मा ने कहा कि विधेयक विधानसभा के पटल पर रखा जा चुका है। भविष्य में यह पारित होगा। लेकिन अभी समय मिल गया है। इस दौरान बिल में मौजूद जटिल बिंदुओं को समाप्त कर इसे व्यावहारिक बनाया जा सकेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद किया। कहा कि कुछ बिंदू उनकी मांग के अनुसार बदले गए हैं। नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। लेकिन अभी भी इसे और सरल बनाने की जरूरत है। वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगें रखेंगे। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीश कुमार नाडार ने एक महत्वपूर्ण बिंदू उठाया। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा से पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई की मांग करता रहा है। लेकिन पूरे विधेयक में पेपर लीक या आत्महत्या जैसे अहम मुद्दों का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने पेपर लीक में शामिल लोगों को कोचिंग जगत से बेदखल करने के मुद्दे राजस्थान कोचिंग सेंटर विधेयक 2025 में शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि जितने भी छात्रों ने आत्महत्या की हैं उनमें 90% से अधिक कारण अभिभावकों का छात्रों पर अधिक दबाव बनाना हैं जिसका कंई बार आत्महत्या करने वाले छात्रों ने अपने आत्महत्या करने से पूर्व लिखे जाने वाले पत्रों में जिक्र भी किया हैं लेकिन इन सब के बावजूद आत्महत्या का भी कसूरवार कोचिंग संचालकों को बनाया और बताया गया यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इस विधेयक में पेपर लीक और आत्महत्या के प्रमुख कारणों को इंगित करते हुए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने का प्रावधान भी होना चाहिए,ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ के प्रदेश महासचिव अजय अग्रवाल ने कहा की शीघ्र ही इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर सकारात्मक परिवर्तन कर विधेयक को सरल बनाने की मांग करेंगे. ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ ने राष्ट्रीय महासचिव डॉ.सिराज खान, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. किरण और प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों को शामिल करते हुए प्रतिनिधि मंडल बनाकर मुख्यमंत्री से वार्ता करने के कार्य को शुरू करने की घोषणा की हैं, जिसके तहत प्रत्येक जिले से संबंधित समस्या को भी अवगत करवाने का कार्य किया जाएगा
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