भारतीय लेखक अंशुमन भगत के विचार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। श्रीलंका के प्रमुख समाचार पोर्टल द आइलैंड ने हाल ही में अपने एक लेख में उनके विचारों को स्थान दिया। उनका प्रसिद्ध कथन 'खुद को इस तरह बनाओ कि भीड़ में भी तुम अलग पहचाने जाओ' दुनियाभर में सफलता का मंत्र बन गया है। ऑस्ट्रेलिया, यूके, नीदरलैंड, इंडोनेशिया और फिलीपींस में कई संस्थाएं इस विचार को अपना चुकी हैं। न्यूयॉर्क की बेटी जीन ब्राउन फाउंडेशन और मियामी की मैक्सस्कॉलर जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं भी इसे अपने प्रेरणात्मक अभियानों का हिस्सा बना चुकी हैं। भगत की आध्यात्मिक सोच भी लोकप्रिय हो रही है। उनकी पंक्ति "द वर्ल्ड मोस्ट पावरफुल वर्ड इज हरे कृष्णा" को लंदन और भारत में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष रूप से उद्धृत किया जाता है। केएनसीएच अस्पताल और कई धार्मिक संस्थानों में उनके विचारों को अपनाया गया है। नेपाल, मॉरीशस, दुबई, कनाडा और अमेरिका में युवा, छात्र, उद्यमी और कलाकार उनके विचारों से प्रेरणा ले रहे हैं। विभिन्न एनजीओ, शैक्षणिक संस्थान और मीडिया संगठन उनके विचारों को प्रकाशित कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि उनकी सोच अब एक वैश्विक विचारधारा का रूप ले चुकी है। अंशुमन भगत की लेखनी अब केवल साहित्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह व्यक्तिगत विकास, आध्यात्मिक उत्थान और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बन चुकी है। उनके विचारों का यह अंतरराष्ट्रीय प्रभाव यह दर्शाता है कि सही शब्द और विचार सीमाओं से परे जाकर लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।
from राजस्थान | दैनिक भास्कर https://ift.tt/OBiWRCU
वैश्विक स्तर पर अंशुमन भगत के विचार:'खुद को इस तरह बनाओ कि भीड़ में भी तुम अलग पहचाने जाओ'; श्रीलंका से लेकर न्यूयॉर्क तक संस्थाएं अपना रही हैं उनकी प्रेरक सोच
शनिवार, मार्च 29, 2025
0
Tags