प्रसव पूर्व देखभाल यानी गुणवतापूर्ण एएनसी सेवाओं में कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए तीन दिवसीय एएनएम प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हुआ। चिकित्सा विभाग एवं बोर्न हेल्थी प्रोग्राम के तहत जपाइगो संस्थान (सीआईएफएफ) की ओर से आयोजित प्रशिक्षण में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। जिला शिशु एवं प्रजनन अधिकारी डॉ दिनेश कुमार भाबोर ने निरीक्षण किया। उन्होंने ड्रेस कोड में नहीं आने वाले कार्मिकों पर नाराजगी व्यक्त की ओर दुबारा इसकी पुनरावृत्ति नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को फेस टू फेस मिलने के अलावा यदि आप कॉल करके भी हाल चाल पूछोगे तो उन्हें खुशी होगी। उन्हें बार बार दवाई और सार सम्भाल संबंधित बात करे, ताकि उन्हें महसूस हो कि गर्भावस्था में जांच करवाना, नियमों का पालन करना कितना आवश्यक है। इससे वह उनकी समस्याएं भी आपको खुलकर बताएगी। इन विषयों पर दी सीख प्रशिक्षक लोकेश शर्मा और प्रियंका जोशी ने एएनसी जांच, हाथ धोने के चरण, पेट की परीक्षा, गर्भावस्था के दौरान एनीमिया जांच, एनीमिया रोकथाम और पोषण, उच्च रक्तचाप संबंधी विकार, गर्भवधि मधुमेह, गर्भावस्था के दौरान मातृ संक्रमण, कैल्शियम का पूरक, डिवमिंग सहित प्रोटोकॉल पर प्रशिक्षण दिया।
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प्रसवपूर्व देखभाल के लिए एएनएम को दिए टिप्स:चिकित्सा विभाग एवं बोर्न हेल्थी प्रोग्राम के तहत जपाइगो का आयोजन
मंगलवार, जून 03, 2025
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