खैरथल-तिजारा जिले में टपूकड़ा स्थित एसआरएफ औद्योगिक इकाई में शनिवार शाम ऑपरेशन 'शील्ड' के तहत आयोजित मॉक ड्रिल में हवाई हमले जैसी आपात स्थिति का प्रभावशाली रेस्पॉन्स देखने को मिला। शाम 7 बजे शुरू हुई मॉक ड्रिल में 7:50 बजे इकाई में ब्लैकआउट किया गया। सायरन बजते ही दौड़ीं टीमें, हाइड्रोलिक क्रेन से रेस्क्यू ड्रिल के तहत हवाई हमले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, चिकित्सा, अग्निशमन व अन्य टीमें अलर्ट मोड में आ गईं। सायरन बजते ही फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी व फोम से आग बुझाने की मॉक कार्रवाई की, वहीं हाइड्रोलिक क्रेन के माध्यम से 3 मंजिला इमारत से लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। 170 लोग सुरक्षित, 25 घायल अस्पताल भेजे गए ड्रिल में लगभग 170 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया जबकि 25 ‘घायलों’ को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों व नर्सों ने तत्काल प्राथमिक उपचार कर उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया। सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट के नेतृत्व में आपातकालीन वार्ड की टीम ने बेहतरीन समन्वय दिखाया। घायलों के लिए ब्लड की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई। SOP की हुई कड़ी निगरानी जिला कलेक्टर किशोर कुमार और पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की मॉनिटरिंग की। एएसपी और डीएसपी की निगरानी में भीड़ हटाकर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट और सुमित्रा मिश्र, नगर परिषद आयुक्त व जिला स्तरीय अधिकारी现场 पर मौजूद रहे और टीमों के समन्वय को सुनिश्चित किया। आपदा प्रबंधन की तैयारी का बेहतरीन उदाहरण मॉक ड्रिल के अंत में जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने कहा, "यह अभ्यास हमारी आपदा से निपटने की क्षमताओं को परखने और मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसी ड्रिल समय-समय पर होती रहनी चाहिए।" एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा, "हर मॉक ड्रिल से हमारी प्रतिक्रिया प्रणाली अधिक सशक्त बनती है। यह दिखाता है कि जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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खैरथल में SRF कंपनी पर हवाई हमला:अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला, मॉक ड्रिल में प्रशासन ने आपात स्थिति की तैयारी देखी
रविवार, जून 01, 2025
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