राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने आज प्रदेश का बजट पेश किया। बजट पेश होते ही कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी जंग छिड़ गई। कांग्रेस ने बजट को पूरी तरह फ्लॉप करार दिया। वहीं भाजपा ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए सभी वर्गों के लिए हितकारी बताया। गहलोत बोले- यह बजट प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर खरा नहीं उतर पाया राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार के बजट 2025 पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर खरा नहीं उतर पाया है। गहलोत ने कहा कि मोदी ने नवंबर 2023 में वादा किया था कि भाजपा सरकार बनते ही किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि में 12 हजार रुपए मिलेंगे। लेकिन सरकार दूसरे बजट में भी केवल 9 हजार रुपए ही दे पाई है। पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर भी वादा अधूरा रहा। प्रधानमंत्री ने चूरू में कहा था कि भाजपा सरकार बनने पर ईंधन के दाम हरियाणा के बराबर हो जाएंगे। हरियाणा में अभी भी पेट्रोल राजस्थान से 10 रुपए सस्ता है। उन्होंने कहा- बजट में बाजरे की एमएसपी पर खरीद का कोई जिक्र नहीं है। गेहूं पर मात्र 150 रुपए का बोनस दिया गया है, जो 2014 से पहले भी मिल रहा था।रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार पिछड़ी है। पिछले बजट में एक लाख नौकरियों का वादा था, लेकिन सिर्फ 59 हजार नौकरियां दी गईं। इनमें भी ज्यादातर कांग्रेस सरकार के समय की भर्तियां थीं। अब सवा लाख नौकरियों का वादा किया है, जबकि सरकार का कैलेंडर सिर्फ 81 हजार नियुक्तियों का है।गिग वर्कर्स के लिए पिछले बजट में 250 करोड़ के फंड की घोषणा हुई थी, जो कागजों तक सीमित रही। इस बार फंड को बढ़ाकर 350 करोड़ कर दिया गया है। रिफाइनरी और पेट्रोजोन पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। सचिन पायलट बोले- यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राज्य सरकार के बजट की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। पायलट ने कहा कि सरकार ने नई घोषणाएं तो कर दीं, लेकिन पिछले बजट की घोषणाओं की वर्तमान स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने सवा लाख सरकारी नौकरियों की नई घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले साल का एक लाख नौकरियों का वादा कहां तक पूरा हुआ, इसके आंकड़े सामने नहीं आए।बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर उन्होंने चिंता जताई। जल जीवन मिशन की समय सीमा 2028 तक बढ़ाने का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हजारों करोड़ के टेंडर एक साल से लंबित हैं। अमृत 2.0 योजना में शहरी पेयजल व्यवस्था के लिए पिछले साल के 5000 करोड़ रुपए अभी तक खर्च नहीं किए गए। महंगाई पर पायलट ने कहा कि बजट में इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल और केरोसीन के दाम कम करने की कोई पहल नहीं की गई।ईआरसीपी प्रोजेक्ट पर उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सरकार का दावा है कि 9500 करोड़ के वर्क ऑर्डर जारी किए और 12000 करोड़ के टेंडर निकाले, लेकिन बजट में महज 200 करोड़ का प्रावधान किया गया। केंद्रीय मद में कोई प्रावधान नहीं है। पायलट ने मांग की कि सरकार को ईआरसीपी के वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखना चाहिए। मदन राठौड़ बोले- बजट में राजस्थान के विकास का विजन साफ दिखता है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि बजट में राजस्थान के विकास का विजन साफ दिखता है। किसानों के लिए सम्मान निधि को बढ़ाकर 9 हजार रुपए किया गया है। निशुल्क बीज वितरण और सिंचाई के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ बैलों से खेती पर 30 हजार रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा। राठौड़ ने रोजगार को लेकर की गई घोषणाओं का जिक्र किया। सवा लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और डेढ़ लाख को निजी क्षेत्र में रोजगार दिया जाएगा। 50 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। महिला सशक्तिकरण के लिए 2 लाख लखपति दीदी और 25 हजार सौलर दीदी बनाने की योजना शुरू की जाएगी। बजट में सड़क, चिकित्सा और कानून व्यवस्था के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रति परिवार 1800 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी। राठौड़ ने पहली बार पेश किए गए ग्रीन बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हरित राजस्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक राजस्थान को 3050 बिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। डोटासरा ने बजट को 'नई बोतल में पुराना शरबत' बताया राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार के बजट की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस बजट से युवा, किसान, महिला, पिछड़े और उद्यमियों को निराशा हाथ लगी है। डोटासरा ने बजट प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुझाव मुख्यमंत्री से लिए गए। वित्त मंत्री ने बजट को अंतिम रूप दिया और विधानसभा में पढ़ा। लेकिन बजट भाषण के बाद धन्यवाद ज्ञापन मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में कर दिया। उन्होंने बजट को 'नई बोतल में पुराना शरबत' बताया। डोटासरा के अनुसार, पीपीपी मॉडल पर आम जनता की कमाई से बने इन्फ्रास्ट्रक्चर को दिया जाएगा। सड़कों के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में पहले 40-50 किमी मिसिंग लिंक का प्रावधान होता था। अब केवल मरम्मत के लिए 10-10 करोड़ रुपए का प्रावधान है। मरुस्थलीय जिलों में 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रोजगार के मुद्दे पर डोटासरा ने कहा कि सरकार ने 1.25 लाख नौकरियों का जादुई आंकड़ा पेश किया है। मुख्यमंत्री पहले साल में एक लाख नौकरी देने की बात करते थे। बिजली पर उन्होंने कहा कि सरकार ने 150 यूनिट फ्री करने की घोषणा की है। यह कांग्रेस की 100 यूनिट मुफ्त योजना का विस्तार है। लेकिन किसानों को मिलने वाली 2000 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली का लाभ नए कनेक्शन लेने वालों को नहीं मिलेगा। प्रतापसिंह बोले- पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं करके प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने राज्य के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं करके प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया है।राजस्थान में पेट्रोल-डीजल हरियाणा से 12 रुपए प्रति लीटर महंगा बिक रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेट कम करके हरियाणा के बराबर कीमतें करने का वादा किया था। लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया। खाचरियावास ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बजट में छोटी-मोटी रियायतें देकर अपनी पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कहा कि इस बजट में प्रदेश की जनता को कोई राहत नहीं मिली है। सरकारी नौकरियां समाप्त हो रही हैं और युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं।पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और रोटी का संकट है। कांग्रेस सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बंद होने से आम जनता परेशान है। उनके अनुसार यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। मंजू शर्मा बोलीं- यह बजट राजस्थान को समृद्ध, विकसित और सशक्त बनाने वाला सांसद मंजू शर्मा ने राज्य सरकार के बजट को राजस्थान को समृद्ध, विकसित और सशक्त बनाने वाला बताया। उन्होंने कहा- राजस्थान सरकार ने बुधवार को पेश किए गए बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। जयपुर मेट्रो के दूसरे फेज के लिए 12 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अंबाबाड़ी विद्याधर नगर तक मेट्रो का विस्तार होगा। रोजगार के क्षेत्र में सरकार ने बड़ी पहल की है। सरकारी विभागों में 1.25 लाख पदों पर भर्तियां होंगी। निजी क्षेत्र में 1.5 लाख नौकरियां दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं के लिए राजस्थान रोजगार नीति 2025 लाई जाएगी। परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रोडवेज को 1000 नई बसें मिलेंगी। जगतपुरा और वैशाली में मेट्रो के लिए सर्वे होगा। जयपुर में सड़कों के लिए 250 करोड़ रुपए अलग से दिए जाएंगे। बीआरटीएस को हटाया जाएगा। किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर 9000 रुपए किया जाएगा। गेहूं के एमएसपी पर प्रति क्विंटल 150 रुपए का बोनस मिलेगा। बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए निशुल्क बिजली की सीमा 100 से बढ़ाकर 150 यूनिट की गई है। उन्होंने कहा- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सभी पीएचसी पर डिजिटल एक्स-रे की सुविधा दी जाएगी। 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना में नए पैकेज जोड़े जाएंगे। महिला सशक्तिकरण के लिए राजीविका मिशन के तहत 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जाएगा।स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अगले साल 1500 नए स्टार्टअप बनाए जाएंगे और 750 से अधिक स्टार्टअप को फंडिंग दी जाएगी। शहरी विकास के लिए 900 करोड़ रुपए से क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी का विकास किया जाएगा। सतीश पूनियां बोले- राजस्थान बजट केन्द्र की मोदी सरकार के सर्व समावेशी बजट का प्रतिबिंब भाजपा हरियाणा प्रभारी, भाजपा राजस्थान पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत राजस्थान बजट केन्द्र की मोदी सरकार के सर्व समावेशी बजट का प्रतिबिंब है, बुनियादी जरूरतों से लेकर आधुनिक विकास को समर्पित यह बजट राजस्थान की भाजपा की भजनलाल सरकार की राज्य के प्रति विकसित राजस्थान की संकल्पना को पूर्ण करने वाला यह बजट सही मायने में गरीब, युवा,महिला और किसानों सहित सभी वर्गों की ख़ुशहाली का बजट है। उन्होंने कहा कि, राजस्थान की 8 करोड़ आबादी के जनकल्याण के लिए समर्पित राज्य की भाजपा सरकार ने ग्रीन बजट पेश करते हुए प्रदेश के नवनिर्माण की नींव रखी है, जिसमें पेयजल, ऊर्जा, सड़क, नगरीय विकास, औद्योगिक विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, युवा विकास एवं कल्याण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सड़क, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, कानून व्यवस्था, सुशासन, कृषक कल्याण, उन्नत खेती पशुपालन एवं डेयरी प्रोजेक्ट को मजबूती देते हुए सभी सेक्टर्स पर बजट में फोकस किया है, जो विकसित राजस्थान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। राजेंद्र राठौड़ बोले- बजट में सबसे महत्वपूर्ण पहल ग्रीन बजट के रूप में की गई राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत राज्य बजट 2025-26 को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बजट को सर्वसमावेशी और जनहितैषी बताया है। बजट में सबसे महत्वपूर्ण पहल ग्रीन बजट के रूप में की गई है। इसमें 27,854 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वार्षिक योजनाओं का 11.34 प्रतिशत है। इसके तहत पर्यावरण सुधार, प्लास्टिक उपयोग रोकने के लिए ग्राम पंचायतों में स्टील बर्तन बैंक और 900 करोड़ की लागत से क्लीन एंड ग्रीन ईको सिटी का विकास किया जाएगा।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की जीडीपी 2025-26 में 19.89 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है। पूंजीगत व्यय में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है। उन्होंने कहा- बिजली क्षेत्र में बड़ी राहत दी गई है। 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत 150 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी। साथ ही 10 गीगावाट क्षमता के बिजली पावर प्लांट की स्थापना की जाएगी।जल संकट के स्थायी समाधान के लिए 'मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन-शहरी' की शुरुआत की गई है। इस योजना पर 5,830 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह बजट केंद्रीय बजट 2025-26 से प्रेरित है और किसान, युवा, महिला, उद्यमी, गरीब और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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राजस्थान बजट पर सियासी घमासान:कांग्रेस ने बताया- नई बोतल में पुराना शरबत, भाजपा बोली- सभी वर्गों का ध्यान रखा और विकासोन्मुखी बजट
गुरुवार, फ़रवरी 20, 2025
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