बारां जिला प्रमुख उर्मिला जैन की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जिला परिषद की साधारण सभा में मूलभूत सुविधाओं का संकट छाया रहा। बैठक में पेयजल, सड़क और बिजली की बदहाल व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को घेरा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर भी गंभीर आरोप लगे, जिससे बैठक में तीखी नोकझोंक हुई। गर्मी की शुरुआत के साथ ही पेयजल समस्या गहराने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। उन्होंने टैंकरों के समय पर नहीं पहुंचने और खराब हैंडपंप व ट्यूबवेल ठीक नहीं होने का मुद्दा उठाया। जल जीवन मिशन के तहत कार्य पूर्ण होने के बावजूद कई घरों तक पानी नहीं पहुंचने पर भी सवाल खड़े किए गए। सड़क निर्माण में अनियमितताओं और खस्ताहाल सड़कों को लेकर भी तीखे सवाल उठे। जिला प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति सुधारने की मांग की। बैठक के दौरान CMHO के देरी से पहुंचने पर माहौल गरमा गया। छबड़ा प्रधान ने CMHO पर ट्रांसफर, फर्जी लेटरहेड के उपयोग और SDRF फंड में गड़बड़ी के आरोप लगाए। CMHO ने इन आरोपों को निराधार बताया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। कार्यवाहक कलेक्टर भंवरलाल जनागल ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया और आरोपों की जांच के निर्देश दिए। बैठक अंतराल को लेकर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई, क्योंकि यह लंबे समय बाद आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त, शिलान्यास पट्टिका में जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं होने पर भी विवाद सामने आया। भाजपा जिला परिषद सदस्य जगदीश मेघवाल ने कोयला क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के कार्यों की शिलान्यास पट्टिका में अपना नाम नहीं होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने पट्टिका हटाकर संशोधित पट्टिका लगाने की मांग की। जिला प्रमुख ने भी इसका समर्थन करते हुए अधिकारियों को नियमानुसार जनप्रतिनिधि का नाम जोड़ने के निर्देश दिए। जिला प्रमुख उर्मिला जैन ने सभी समस्याओं के त्वरित समाधान और अधिकारियों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए।
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जिला परिषद बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को घेरा:पानी-सड़क-बिजली संकट पर सवाल, CMHO पर लगे गंभीर आरोप।
शनिवार, अप्रैल 25, 2026
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