चित्तौड़गढ़ जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार के साल 2027 तक सभी कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य की दिशा में जिले को भी दो ब्लॉक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इसके तहत अब जिले के अधिकांश किसानों को कृषि कामों के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है। चित्तौड़गढ़ प्रदेश का ऐसा जिला है जहां कृषि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या सबसे ज्यादा है। जिले में करीब 1.01 लाख कृषि उपभोक्ता हैं और उन्हें दिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी सुविधा मानी जा रही है। रात की सिंचाई से मिलेगी राहत अधीक्षण अभियंता रामसिंह यादव ने बताया कि दिन में बिजली मिलने से किसानों को सबसे बड़ा फायदा सिंचाई के समय मिलेगा। अब किसानों को सर्दी, बरसात या अन्य मौसम की कठिन परिस्थितियों में रात के समय खेतों पर जाकर सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। इससे उनकी सुरक्षा बढ़ेगी और वे रात का समय अपने परिवार के साथ बिता सकेंगे। प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के दो अलग-अलग ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और धीरे-धीरे यह व्यवस्था पूरे राजस्थान में लागू की जा रही है। बिजली व्यवस्था मजबूत करने पर हुआ काम दो ब्लॉक सप्लाई को सफल बनाने के लिए पिछले ढाई सालों में प्रदेशभर में बिजली नेटवर्क को मजबूत किया गया है। इस दौरान बड़े स्तर पर नए ग्रिड सब स्टेशन स्थापित किए गए और ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाई गई। चित्तौड़गढ़ जिले में भी इस दिशा में विशेष काम हुआ है। यहां 132 केवी के दो और 33 केवी के चार नए ग्रिड सब स्टेशन बनाए गए हैं। इसके साथ ही जिले की प्रसारण और वितरण क्षमता में 563 एमवीए की बढ़ोतरी की गई है। विभाग का कहना है कि बिजली ढांचे को मजबूत करने से कृषि क्षेत्र को दिन में नियमित आपूर्ति देने में मदद मिल रही है। कुछ जीएसएस पर थी परेशानी, अब स्थिति बेहतर अधीक्षण अभियंता रामसिंह यादव ने बताया कि जिले में अधिकांश क्षेत्रों में पहले से ही दिन में बिजली आपूर्ति दी जा रही थी। केवल कुछ जीएसएस ऐसे थे जहां लाइन क्षमता, ज्यादा लोड या तकनीकी कारणों से दो ब्लॉक व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही थी। अब दो ब्लॉक बिजली आपूर्ति से जोड़ने के बाद अब किसानों को बहुत फायदा होगा। इनमें बड़ी सादड़ी, कुआलिया और गंगरार क्षेत्र के कुछ जीएसएस शामिल थे। विभाग ने इन क्षेत्रों में लाइन सुधार और तार बदलने जैसे काम किए हैं। वर्तमान में जिले के करीब 188 ग्रामीण जीएसएस में अधिकांश स्थानों पर दिन के समय ही कृषि बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। पूरे जिले में 209 जीएसएस है। अधिकारी का कहना है कि अभी कृषि लोड कम है, जबकि सितंबर और अक्टूबर में सिंचाई का काम बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ जाएगी। पीएम कुसुम योजना भी बन रही सहारा दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना में पीएम कुसुम योजना भी जरूरी भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत गांवों के आसपास सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जिससे कृषि क्षेत्र के लिए बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। चित्तौड़गढ़ जिले में अब तक 46 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जा चुके हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से आने वाले समय में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य और तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
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अब दिन में भी किसानों को मिलेगी बिजली:चित्तौड़गढ़ में शुरू होगी दो ब्लॉक बिजली आपूर्ति, किसानों को अब रात में खेतों पर नहीं जाना पड़ेगा
शुक्रवार, जून 05, 2026
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