श्रुति मंडल एवं कला संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित श्रुति मंडल के स्थापना दिवस पर दो दिवसीय समारोह का आयोजन महाराणा प्रताप सभागार में किया जा रहा है। इसके पहले दिन दिल्ली से पधारे शहनाई वादक लोकेश आनंद ने जब शहनाई के सुर छेड़े तो बरसात का सुहाना मौसम खुशनुमा हो गया। शहनाई के सरताज उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को समर्पित इस कार्यक्रम में लोकेश आनंद ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत राग मधुकोश में एक ताल विलंबित और द्रुत लय तीन में शहनाई बजाकर उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की याद को ताजा कर दिया। इसके बाद उन्होंने राग चंद्रप्रभा, बनारसी धुन और अंत में राग भैरवी सुनाकर लोगों को आनंदित कर मंत्रमुग्ध किया। इनके साथ शहनाई पर भागवत किशोर ने साथ दिया। तबले पर पं. हिंडोल मजूमदार और और दुक्खड़ पर मानसिंह ने असरदार संगतकर कार्यक्रम को परवान चढ़ाया। कार्यक्रम का संचालन संगीता गुप्ता ने किया। श्रुति मंडल के अध्यक्ष चंद्र सुराणा और उपाध्यक्ष प्राचीन सुराणा ने सभी का आभार व्यक्त किया। बुधवार को देहरादून की रूपान सरकार का शास्त्रीय गायन कार्यक्रम होगा।
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भादो की रिमझिम के साथ शहनाई के सुरो की संगत:श्रुति मंडल के स्थापना दिवस समारोह में लोकेश आनंद ने राग मधुकोश से छेडे शहनाई के सुर
बुधवार, अगस्त 28, 2024
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