राजस्थान पथ परिवहन निगम में अवैध वसूली के मामले में चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। सेशन जज आलोक सुरोलिया ने यह फैसला सुनाया। इन आरोपियों पर रोडवेज बसों के परिचालकों से फ्लाईंग स्क्वॉड से मिलीभगत कर अवैध वसूली करने का आरोप है। रिमार्क लगवाने की देते थे धमकी आरोप है कि ये आरोपी कंडेक्टरों को फ्लाईंग स्क्वॉड की सूचना देकर उनसे पैसे वसूलते थे। यदि कोई कंडक्टर विरोध करता था, तो उसे फ्लाईंग स्क्वॉड से पकड़वाकर पेनल्टी या रिमार्क लगवाने की धमकी दी जाती थी। कुल 15 आरोपी गिरफ्तार झालावाड़ पुलिस ने हाल ही में रोडवेज में गिरोह बनाकर अवैध वसूली करने के मामले में दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से दिनेश कुमार, नरेंद्र कुमार टांक उर्फ बबलू, अंकित गुर्जर और हर्षवर्धन सिंह ने जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट ने अपराधों में वृद्धि होने की जताई आशंका कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं और मामले में अनुसंधान जारी है। यदि ऐसे मामलों में आरोपियों को जमानत दी जाती है, तो इससे अपराधों में वृद्धि होने और अनुसंधान प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। झालावाड़ पुलिस ने इस संगठित गिरोह के सदस्यों को जिले के अलावा प्रदेश के अन्य इलाकों से भी गिरफ्तार किया था, जो रोडवेज को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे।
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रोडवेज वसूली गिरोह के चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज:झालावाड़ सेशन जज का फैसला, रिमार्क लगवाने की देते थे धमकी
बुधवार, फ़रवरी 11, 2026
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