बारां जिला प्रभारी सचिव हरिमोहन मीणा ने सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, बजट घोषणाओं और आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ प्रबंधन तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उनका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। साथ ही पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में अग्रिम तैयारियां रखने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत एवं बचाव संसाधन उपलब्ध रखने पर विशेष जोर दिया। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर बैठक में फ्लैगशिप योजनाओं, वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की बजट घोषणाओं और ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आमजन को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। पेयजल और बिजली व्यवस्था की समीक्षा ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर भी चर्चा हुई। प्रभारी सचिव ने संबंधित विभागों से क्षेत्रवार जानकारी लेते हुए पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकरों और वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्थाओं को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मानसून से पहले बाढ़ प्रबंधन तैयार रखने के निर्देश आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों पर विशेष चर्चा की गई। प्रभारी सचिव ने राहत सामग्री, रेस्क्यू टीम, नाव, गोताखोर, मेडिकल टीम और अस्थायी आश्रय स्थलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील गांवों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
सेवा शिविरों में मौके पर हो समस्याओं का समाधान ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य आमजन को उनके घर के निकट ही राहत और सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र व्यक्तियों के लंबित प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बजट घोषणाओं को बताया विकास का रोडमैप वर्ष 2024-25 और 2025-26 की बजट घोषणाओं के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। इसमें स्वास्थ्य केंद्र भवनों का निर्माण, ग्रामीण सड़कें, पर्यटन विकास और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएं शामिल रहीं। प्रभारी सचिव ने लंबित कार्यों में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करने और सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति पर भी नजर बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, कुसुम योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, अमृत योजना, पंच गौरव योजना और लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने लाभार्थी चयन, भुगतान और सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सहायक निदेशक की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी बैठक के दौरान महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक की अनुपस्थिति पर प्रभारी सचिव ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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मानसून से पहले अलर्ट मोड में बारां प्रशासन:पेयजल, बिजली और बाढ़ प्रबंधन पर फोकस; प्रभारी सचिव ने परखी तैयारी
मंगलवार, जून 23, 2026
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