जोधपुर के मंडोर में पांच दिन पहले हुए टॉय ट्रेन हादसे में पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। साथ ही टॉय ट्रेन को जब्त कर लिया है। 31 मई को हुए हादसे में बच्ची अनायरा की मोत हो गई थी। पुलिस के अनुसार- ट्रेन संचालन का ठेका मैसर्स देव कृपा कन्स्ट्रक्शन कंपनी को दे रखा था। इस मामले में शांतिलाल वैष्णव (47) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ये था मामला दरअसल, बच्ची अमायरा के पिता मोहम्मद हबीब निवासी बरकत साहब की हवेली बंबा स्कूल (जोधपुर) ने मंडोर थाने में शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि 31 मई को परिवार के साथ मंडोर गार्डन घूमने गए थे। मेरे साथ पत्नी अफसाना, बेटी अनायरा, भाभी शहनाज और भतीजी मुस्कान (20) भी थी। शाम 6 बजे हम टॉय ट्रेन में बैठे थे। बेटी अनायरा अपनी मां और बड़ी मम्मी के साथ बैठी थी। मंडोर स्थित काला-गोरा भैरूजी मंदिर से पहले टॉय ट्रेन के ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। ब्रेक लगते ही अनायरा उछलकर ट्रेन से नीचे गिर गई। हबीब ने बताया- अनायरा के नीचे गिरते ही हम सब एक साथ चिल्लाए और ड्राइवर को ट्रेन रोकने के लिए कहा, लेकिन उसने ट्रेन नहीं रोकी। इस दौरान ट्रेन का पहिया अनायरा की गर्दन के ऊपर से निकल गया। अनायरा को बचाने की कोशिश में मुस्कान भी घायल हो गई। पिता ने दर्ज करवाया था मामला इस हादसे के बाद मृतक बच्ची अनायरा के पिता मोहम्मद हबीब की ओर से 1 जून 2026 को मंडोर थाने में मामला दर्ज करवाया गया था। मंडोर थाना अधिकारी ने बताया- मामला दर्ज होने के बाद टीम गठित की गई थी। इस दौरान टीम की ओर से निरीक्षण भी किया गया था। इसे लेकर सीसीटीवी भी खंगाले गए थे। जोधपुर डेवलपमेंट ऑथिरिटी की ओर से इसे लेकर जानकारी मांगी गई थी। जहां पता चला कि ठेका मैसर्स देव कृपा कन्स्ट्रक्शन कंपनी को दे रखा था। इसके बाद जब कंपनी संचालक से पूछताछ की तो पता चला कि हादसे के दौरान ट्रेन शांतिलाल चला रहा था। थानाधिकारी ने बताया- जांच के बाद ट्रेन को जब्त किया गया है। साथ ही ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ट्रेन में मिली थी कई खामियां, रेलिंग तक नहीं थी इस हादसे के बाद बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण यूनिट की ओर से निरीक्षण किया गया था। इसमें ट्रेन में कई खामियां मिली थी। जांच में सामने आया था कि बच्चों के लिए चलने वाली टॉय ट्रेन चारों तरफ से खुली थी। बच्चों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए इसमें या तो रेलिंग होनी चाहिए थी या फिर ट्रांसपेरेंट कांच लगा होना चाहिए था। वहीं, बच्चों को संभालने और ऐसे हादसों को रोकने के लिए केयर टेकर भी होना चाहिए, जबकि निरीक्षण के दौरान कोई केयर टेकर नहीं मिला। बिजली के तार भी खुले थे। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
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मंडोर टॉय ट्रेन हादसे के पांच दिन बाद ड्राइवर डिटेन:बच्ची के गर्दन के ऊपर से निकल गया था पहिया; पुलिस ने ट्रेन भी की जब्त
शनिवार, जून 06, 2026
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