सीकर में बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्राहक सेवा केंद्र संचालक तीन खाताधारकों के लाखों रुपए लेकर फरार हो गया। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ने FD, गोल्ड लोन, रुपए जमा करने के नाम पर यह राशि हड़प ली। संचालक ने FD के फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर भी दिए। आरोप है कि केंद्र संचालक सुरेंद्र कुमार ढाका ने 12.23 लाख रुपए हड़पे हैं। कोतवाली थाना पुलिस में सोमवार को मामला दर्ज कराया गया। तीनों शिकायतों पर कोतवाली थाना पुलिस ने जॉइंट रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच ASI विद्याधर सिंह कर रहे हैं। उन्होंने कहा- अभी मामले में जांच जारी है। पहला मामला : साढ़े 7 लाख रुपए दिए, बैंक की सील लगाकर दिए फर्जी डॉक्यूमेंट सीकर के रामपुरा निवासी नरेश कुमार ने मामला दर्ज कराया। इसमें बताया कि सुरेंद्र कुमार ढाका ने बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्राहक सेवा केंद्र ले रखा है। जो फागलवा पेट्रोल पंप ब्रांच के सामने स्थित है। सुरेंद्र कुमार को 10 जून 2024 को नरेश कुमार की मां कमला के नाम से 5 लाख रुपए FD और म्युचुअल फंड के लिए, 4 जुलाई 2025 को नरेश के नाम से डेढ़ लाख और 3 दिसंबर 2019 को बहन सुनीता के नाम से 1 लाख रुपए की FD के लिए रुपए दिए थे। बहन कंचन के नाम से 1 लाख रुपए FD के जमा करवाए पीड़ित नरेश जब 19 जनवरी को रुपए लेने के लिए गया तो ग्राहक सेवा केंद्र बंद मिला। पीड़ित नरेश ने सुरेंद्र को कॉल किया तो उसका नंबर स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद नरेश ब्रांच में गया और उसने सुरेंद्र के बारे में पूछा तो ब्रांच स्टाफ ने कहा कि वह घूमने के लिए गया है। एक-दो दिन इंतजार करो, वापस आ जाएगा। इसके बाद 21 जनवरी को नरेंद्र वापस ग्राहक सेवा केंद्र के पास गया तो उसे केंद्र बंद मिला। जब उसने बैंक में पूछताछ की तो पता चला कि सुरेंद्र फरार हो गया। सुरेंद्र ने निवेश के जो डॉक्यूमेंट नरेश को दिए थे, उनकी जांच करवाने पर पता चला कि सभी फर्जी हैं। इन सभी डॉक्यूमेंट पर बैंक सील लगी थी। इस वजह से नरेश और उसके परिवार ने डॉक्यूमेंट को हकीकत मान लिया था। दूसरा मामला : गोल्ड लोन के 3 लाख रुपए जमा कराए, खाते में नहीं हुए दूसरे मामले में हीरालाल ने शिकायत देकर बताया कि उन्हें सस्ता कम ब्याज में गोल्ड लोन देने की बात कही गई। ऐसे में सुरेंद्र सिंह ढाका के पास 2 हजार रुपए में बैंक अकाउंट खुलवाया गया। सुरेंद्र सिंह ने 8.73 लाख रुपए का गोल्ड लोन दिलवाया। इसमें से 8.50 लाख दिए। सुरेंद्र ने कहा कि यदि आप अभी पैसा जमा करवाते हो तो आपको ब्याज में और छूट मिल जाएगी। हीरालाल ने 15 दिसंबर को 2.70 लाख रुपए दे दिए। तब सुरेंद्र ने हीरालाल को कहा- रुपए जमा होने के बाद वह स्टेटमेंट भेज देगा, अभी तो रिकवरी के लिए गया गया हूं। इसके बाद सुरेंद्र कभी मीटिंग में होने तो कभी बहाना बनाकर गुमराह करता रहा। हीरालाल जब 20 जनवरी को सुरेंद्र के केंद्र पर आए तो वहां केंद्र बंद मिला। हीरालाल ने बैंक स्टेटमेंट चेक करवाया तो पता चला कि जो 2.70 लाख रुपए उन्होंने सुरेंद्र को जमा करवाने के लिए दिए थे, वह उसने जमा ही नहीं करवाए। तीसरा मामला : एक लाख रुपए जमा कराए, रसीद दी, खाते में नहीं हुए जमा तीसरे मामले में इशरत ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने ग्राहक सेवा केंद्र पर 9 दिसंबर 2025 को 60 हजार और 20 दिसंबर 2025 को 43 हजार रुपए जमा करवाए थे। इसकी सुरेंद्र कुमार ढाका ने रसीद दे दी, लेकिन वह रुपए बैंक में जमा नहीं हुए। इसका पता उन्हें तब चला, जब वह बैंक में पैसे निकलवाने के लिए गए थे।
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ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक लाखों रुपए लेकर फरार:FD, गोल्ड लोन के जमा रुपए की फर्जी रसीदें दी; खाताधारक बैंक गए तो ठगी का पता चला
बुधवार, जनवरी 28, 2026
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