IIT जोधपुर का 12वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित हुआ। समारोह में 1442 स्टूडेंट्स को डिग्रियां प्रदान की गईं। वहीं, संस्थान की ओर से पहली बार रिकॉर्ड 151 शोधार्थियों को पीएचडी (PhD) की उपाधि दी गई। दरअसल, यह दीक्षांत समारोह तीन चरणों में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता आईआईटी जोधपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार ने की। समारोह के मुख्य अतिथि इसरो चेयरमैन डॉ. एस. सोमनाथ ने कहा- प्रौद्योगिकी का अंतिम उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिए। विद्यार्थियों को ऐसे वैज्ञानिक, अभियंता (इंजीनियर) और लीडर बनने के लिए प्रेरित किया, जो नवाचार के माध्यम से मानव जीवन को और बेहतर बना सकें। निदेशक प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा- डिग्री केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के साथ विवेक, साहस, ईमानदारी और संवेदनशीलता को जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। नीलकंठ मिश्रा ने स्नातकों को 'अमृतकाल पीढ़ी' बताते हुए उन्हें कठिन चुनौतियों को स्वीकार करने और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। ए. एस. किरण कुमार ने कहा - ज्ञान के साथ उत्तरदायित्व भी जुड़ा होता है तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग समाज और मानवता के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। डॉ. अजय कुमार ने विद्यार्थियों को अवसरों, संस्थानों और ज्ञान के सृजनकर्ता बनने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. गोविंदन रंगराजन ने विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नवाचार के केंद्र में सदैव मानवीय विवेक, नैतिकता और उत्तरदायित्व बने रहने चाहिए। कार्यकारी शिक्षा (एग्जीक्यूटिव एजुकेशन) कार्यक्रमों के समापन समारोह में राजीव कुमार शर्मा ने आजीवन सीखने, नेतृत्व क्षमता और ईमानदारी के महत्व पर बल दिया, जबकि शरत कविराज ने कार्यरत पेशेवरों को अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर उन्नत करते हुए समाज एवं संस्थाओं के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
1,442 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं डिग्रियां, डिप्लोमा एवं प्रमाण-पत्र दीक्षांत समारोह में कुल 1,442 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें बी.टेक. एवं बी.एस. कार्यक्रमों के 476 विद्यार्थी, बी.टेक.-एम.टेक. ड्यूल (द्वैध) डिग्री कार्यक्रम का 1 विद्यार्थी, एम.एससी. कार्यक्रमों के 74 विद्यार्थी, मास्टर ऑफ डिजाइन (एक्सआर डिजाइन) के 27 विद्यार्थी, मास्टर्स इन मेडिकल टेक्नोलॉजी के 7 विद्यार्थी, एम.एससी.-एम.टेक. ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों के 16 विद्यार्थी, एम.टेक. कार्यक्रमों के 481 विद्यार्थी, एमबीए एवं एमबीए-टेक्नोलॉजी कार्यक्रमों के 98 विद्यार्थी, एम.टेक.-पीएच.डी. ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों के 14 विद्यार्थी, मेडिकल टेक्नोलॉजी में मास्टर्स-पीएच.डी. ड्यूल डिग्री कार्यक्रम का 1 विद्यार्थी तथा 151 पीएच.डी. शोधार्थी शामिल थे। इस वर्ष रिकॉर्ड 151 पीएच.डी. उपाधियां प्रदान करना संस्थान के इतिहास में एक नया कीर्तिमान है। इसके अलावा, कार्यकारी शिक्षा (एग्जीक्यूटिव एजुकेशन) कार्यक्रमों के अंतर्गत 368 विद्यार्थियों को डिप्लोमा, स्नातकोत्तर (पीजी) डिप्लोमा एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। मेधावी विद्यार्थियों को मिले प्रतिष्ठित पदक एवं पुरस्कार स्नातक वर्ग में संस्थान का सर्वोच्च सम्मान 'प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल' सुमीत एस. पाटिल (बी.टेक., कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) को प्रदान किया गया। 'चेयरमैन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स गोल्ड मेडल' मानस चेचानी (बी.टेक., आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को, 'डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल' प्राचीति सुजीत चंद्रात्रेय (बी.टेक., इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स) को तथा 'डायरेक्टर्स प्राइज' शिखर दवे (बी.टेक., केमिकल इंजीनियरिंग) को दिया गया। वहीं, 'कृष्णा देवी सनाढ्य मेमोरियल अवॉर्ड' से परी शर्मा (बी.टेक., कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) को नवाजा गया। स्नातकोत्तर (पीजी) वर्ग में 'जगदीश चंद्र बोस गोल्ड मेडल' कृतिका यादव (एम.टेक., मैटेरियल्स इंजीनियरिंग) को प्रदान किया गया। 'सी. वी. रमन गोल्ड मेडल' शुभम चमोला (पीएच.डी., भौतिकी), अमित कुमार (पीएच.डी., विद्युत अभियांत्रिकी), स्वरित आनंद सिंह (पीएच.डी., यांत्रिक अभियांत्रिकी) तथा तेजिंदर सिंह लखवानी (पीएच.डी., मैटेरियल्स साइंस) को उनके उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए प्रदान किया गया। 'प्रो. आशुतोष आलोक मेमोरियल अवॉर्ड फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस इन फिजिक्स (पीजी)' तनय चौधरी (एम.एससी., भौतिकी) को प्रदान किया गया। कार्यकारी शिक्षा (एग्जीक्यूटिव एजुकेशन) कार्यक्रमों के अंतर्गत शामंथ कोल्ली (एम.टेक., इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) को 'सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट' प्रदान किया गया। वहीं, आकांक्षा गौतम (एम.टेक., आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), नवीन राजा एलंगोवन (एम.टेक., ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी) तथा अनिर्बान चौधरी (एम.टेक., डेटा इंजीनियरिंग) को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 'सिल्वर मेडल' प्रदान किए गए। निदेशक ने प्रस्तुत की आईआईटी जोधपुर की विकास यात्रा निदेशक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि "आईआईटी जोधपुर 5.0" की परिकल्पना के अनुरूप संस्थान वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ एक उत्कृष्टता केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने सभी स्नातकों एवं उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, सतत विकास और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से संस्थान 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समारोह के विभिन्न चरणों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ, यूआईडीएआई (UIDAI) के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के निदेशक प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन, राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा और जोधपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर शरत कविराज बतौर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
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आईआईटी जोधपुर ने पहली बार 151 पीएचडी की डिग्री दी:ISRO चेयरमैन सोमनाथ बोले- तकनीक का उद्देश्य मानवता की सेवा होनी चाहिए
रविवार, जून 07, 2026
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